मैं क्यों परेशान हूँऔरों की आलोचना सुनकरजो लगेगा मुझे अच्छावही करूंगा जी भरकरआलोचना तो सिखाती बहुत कुछ हैअरे, नेताओं से कुछ तो सीखेंसीखने को बहुत कुछ हैअभी तो अपनी आलोचना सुनना सीखेंशुभकामनाओं के साथ,केशव सिंघल